आओ समाप्त होते हिंदू धर्म की रक्षा करें
वास्तव में गत 1000 वर्षों से भारत एक नॉन सेक्युलर इस्लामिक राष्ट्र हैI इस्लाम के नाम पर महिलायों का बलात्कार किया गया, अबोध बच्चों की हत्या की गयी I लेकिन हिंदुओं की इस दशा का कारण इस्लाम, कांग्रेस या सेकुलर्स नहीं हैंI हिंदुओं ने कभी अपने धर्म के लिए खड़े होने कि कोशिश नहीं कीI इस का कारण हिंदुओं का आलस्य, स्वार्थ, कंजूसी, कायरता और धर्म के प्रति लापरवाही है, जिसे इनके नेता सेकुलरिज्म के लबादे से ढकते रहते हैंI हिंदू मंदिरों, सत्संग और आसाराम, निर्मल बाबा और डेरा सच्चा सौदा जैसे “बाबाजी” को करोडोँ का दान कर सकते है, लेकिन हिंदू धर्म के उत्थान के लिए के लिए न धन देना चाहते हैं न समय मुस्लिम अब्बादी के हिसाब से सुरक्षित माने जानेवाले महाराष्ट्र के कई शहर अब इस्लाम की चपेट में आ चुके है! 5 लाख आबादी वाले मालेगांव शहर में अब केवल मामूली हिंदू बचे है! नांदेड नगर निगम में ओवैसी की पार्टी ने 11 सीटे जीतकर कोहराम मचाया है!
http://en.wikipedia.org/wiki/Malegaon#Demographics
Hindus become an extreme minority in Maharashtra's Malegaon city!
Hindus become an extreme minority in Maharashtra's Malegaon city!
कश्मीर के बाद अब असम, हैदराबाद और केरल में भी हिंदू अल्पसंख्यक हो चुके है और जल्द हि उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में भी होंगे! कांग्रेस सरकार एक सुनियोजित साजिश के तहत 2011 की जनगणना में मुसलमानों की आबादी कम दिखा रही है ताकि मुसलमानों का अल्पसंख्यक का दर्जा ना छिना जाये! After Kashmir, Hindus are now minority in Assam, Kerala, Hyderabad and will of Muslims in 2011 census so that the minority status of Muslims will remain intact!
जो हिंदू इस घमंड मे जी रहे है कि अरबो सालो से सनातन धर्म है और इसे कोई नही मिटा सकते उन्हे जरा इतिहास देखने की जरूरत है।
दोस्तों आज जो जम्मू - कश्मीर में मुसलमानो ने जो मौत का नंगा नाच खेला जा रहा है| इससे साबित होता है की जम्मू कश्मीर सरकार कश्मीर के साथ साथ जम्मू को भी हिन्दू विहीन करना चाहती है .... इसलिए उसने अल्पसंख्यकों को मारने के लिए मुल्लों को खुली छूट दे रखी है और पुलिस महज खड़ी हुई तमाशा देखती रहती है.....
ये तब हो रहा है जब कश्मीर मे मुसलमानों की आबादी 80% है।
कश्मीर के एक पीड़ीत और जिंदा बचे हिंदू की है, जो की उसी मोहल्ले मे रहता था .......उसकी पुस्तक "कश्मीर का सच" से लेकर अपने शब्दो मे लिखी गयी एक सच्ची घटना निम्नलिखित है...
“चारो ओर "अल्लाह हु अकबर" की आवाजे थी......भय से काँप रहा था सेकुलर,एक हिंदू परिवार कमरे मे खुद को बंद करके खाली हाथ बैठा था......पति, पत्नी और एक सोलह साल की बेटी, एक दस साल का बच्चा....
अधिक समय नहीं लगा, तोड़ दिया दरवाजा हैवानो ने....घुस आए कमरे में..!
होने लगे चारो ओर से तलवारों के वार...बाप, बेटे और माँ को अधमरा करके एक तरफ फेका, और लड़की के कपड़े फाड़कर कई दरींदे एक साथ टूट पड़े उस पर...अपनी ही आंखो के सामने ये देखकर बाप ने खुद तलवार घोंप ली अपने पेट मे.....!
माँ के सामने बेटी के साथ एक एक करके बीस से ज्यादा नरपिशाचो ने दुष्कर्म किया....! वो बेचारी धरती पर पड़ी चीखती रही...बीलखती रही, चील्लाती रही, तड़पती रही...दुष्कर्म के पश्चात उसकी छातीयाँ काट कर अल्लाह की मोहर भी दाग दी.....उसी अल्लाह की जिस्मे ये नीच सेकुलर हिंदू हमारे राम और कृष्ण के रूप देखते है..........!
काट डाली बेटे की गर्दन और इसके बाद वो घर से बाहर निकले और जला दिया घर........पूरा परिवार ऐसी दुर्गती के बाद जींदा जलकर खाक हो गया .......
कैसा लगा....??????
मित्रों, ये कोई मार्मीक कपोल काल्पनिक कहानी नहीं है.....! हकीकत है कश्मीर की, पाकिस्तान की, बांग्लादेश देश की और इतिहास में हर भारत भू खंड के उस हिस्से की जहाँ कभी हिंदू रहा करते थे और आज इस्लाम है।
एक धर्मनीरपेक्षी राष्ट्र होकर भी भारत की सरकार, भारत के ही एक अंग कश्मीर मे हिंदुओं को बचाने को आगे नहीं आई..... तो इस्लामिक राष्ट्रों तथा वर्तमान भारत के इस्लामीकरण के पश्चात, कौन बचाने आएगा तुम्हें????
उत्तर प्रदेश, बिहार, बंगाल, आन्ध्रप्रदेश, केरल तथा आसाम में जहाँ मुसलमानों की आबादी 40% या अधिक है, कोई बहन-बेटी अकेली सात बजे के बाद घर से बाहर नहीं निकल सकती और यदि चली जाए तो कभी वापस नहीं आती है।
यदि मेरी बात पर विश्वास नहीं है तो कपिल सिब्बल, दिग्विजय सिंह जैसे सेकुलरों को खुली चुनौती देता हूँ कि अपनी बहू-बेटी को उत्तर प्रदेश, बिहार, बंगाल, आन्ध्रप्रदेश, केरल तथा आसाम के किसी भी मुस्लिम मोहल्ले में अकेले सात बजे भेज कर देख लें।
सोचिए अगर जब ये 70% हो जाएंगे आज से दस-बीस साल बाद तब क्या होगा .... यकीन मानिए आप कुछ नहीं कर पाएंगे।
जब इनकी आबादी उत्तर प्रदेश, बिहार, बंगाल, आन्ध्रप्रदेश, केरल तथा आसाम हो जायेगी, तो उसके निम्नलिखित परिणाम होंगे....
1. काँवड़ यात्रा पर प्रतिवान्ध लग जाएगा (अभी आंशिक रूप से लगा हुआ है)
2. हिन्दू लोग अपना त्योहार नहीं माना पाएंगे (अभी भी बरेली मे जन्माष्टमी नहीं मनाने दी जाती है)
3. खुलेआम मंदिर तोड़े जाएंगे
4. भगवत कथा , रामायण और माता जी के जागरण आदि पर रोक लग जाएगी
ये तो मात्र एक आईना है सच्चाई से रूबरू करने का ..................
वरना परिणाम तो और भी खतरनाक होने वाले है ......................................
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करांची में तोडा गया हिन्दू मंदिर |
प्रिय मित्रों,
आज राष्ट्र जिन परिस्थितियों से गुजर रहा है उनके लिये यदि संघर्ष नहीं किया गया तो हमारे बच्चे खून के आंसू रोयेंगे और हमें कोसेंगे I देश में इस्लाम और ईसाइयत तेज़ी से अपने पावं पसार रहे हैंI भारत के पड़ोस में जहाँ पाकिस्तान में हिन्दुओं की संख्या गत 50 बरसों में 24% से घटकर मात्र 1% बची है, बांग्लादेश में यह जनसँख्या 32% से घटकर 4% रह गयी है। दूसरी और भारत में मुसलमानों की संख्या 10% से बढकर 19% हो चूकी हैI इसी गति से मात्र यदि मुस्लिम जनसँख्या का आंकलन किया जाये, 2035 में हिन्दुओं की जनसँख्या लगभग 45% रह जाएगी। उस स्थिति में वही होगा जो गत 50 वर्षों में पाकिस्तान या बांग्लादेश में हुआ है।
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पाकिस्तानी हिन्दू लड़की रिंकल जिसे बलात्कार कर मुसलमान बनाया गया |
माननीय सरसंघचालक श्री मोहन भागवतजी शिव आराधना एवं शिवत्व प्राप्ति को मातृभूमि की सेवा के लिए आवश्यक बताते हैंI लेकिन शिवाराधना एवं शिवत्व प्राप्ति का मार्ग वह होना चाहिए, जो महर्षि दयानंद ने दिखाया हैI महर्षि दयानंद अपनी पुस्तक सत्यार्थ प्रकाश में कहते है की वेदों के अनुसार परमात्मा निराकार एवं नश्वर है, जिनको लौकिक कथाओ में व्यक्त नहीं किया जा सकता हैंI पुराणों में वर्णित भगवान शिव, ब्रह्मा, विष्णु, राम, कृष्ण आदि महापुरुष थे जिन्होंने समय समय पर मानवमात्र को धर्मानुसार आचरण का मार्ग दिखाया I अत: उनकी शिव की आराधना का मार्ग मात्र प्राणायाम एवं यौगिक समाधी ही है, जो आ़प अपने घर के किसी शांत कोने में बैठ कर सकते हैंI किसी मंदिर में जाकर आप घंटी बजाएं, तदुपरांत आप शिवलिंग को दूध बेलपत्र आदि चढायेंI इन क्रियाओं से आप न शिवजी को समझ पायेंगे, न ही शिवत्व प्राप्त कर सकेंगेI हाँ, आप इस भ्रम को जरूर पाले रहेंगे कि आप शिवभक्त हैं आप इसप्रकार शिवभक्ति के साथ निम्न कुमान्याताओं को भी बढावा देंगे, जो वेद विरुद्ध भी हैंI
१. शूद्रों को शिवाराधना अथवा मंदिर में प्रवेश वर्जित है इसप्रकार आप जातिवाद तथा छुआछूत को अनजाने में पोषित करेंगेI
२. महिलाओं को मासिक धर्म के दिनों में अथवा विधवाओं को शिवाराधना नहीं करनी चाहिये इस प्रकार आप महिलाओ का उत्पीडन के मार्ग अनजाने में प्रशस्त करेंगेI
३. शिवजी बेलपत्र तथा दूध से प्रसन्न होते हैI आप कितने भी दुष्कर्म करें, वेलपत्र आदि चढा कर शिवजी को प्रसन्न कर लेंगेI इस प्रकार आप सद्कृत्य के लिए प्रेरित नहीं होंगेI
आदि आदिI
ये एक खेद का विषय है कि संघ हिंदुओं का सबसे बड़ा संगठन है, किन्तु स्वयंसेवकों को पाखंड, मूर्तिपूजा, जातिवाद, महिला-उत्पीडन से मुक्त नहीं करा पा रहा हैंI हिन्दू धर्म को विश्व स्तरीय बनाने के लिए संघ को महर्षि दयानंद एवं सत्यार्थप्रकाश की शरण में जाना ही होगाI
अतः माननीय सरसंघचालक श्री मोहन भागवतजी, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्रमोदीजी, भाजपा अध्यक्ष अमितशाह समेत सभी संघ के प्रत्येक पदाधिकारी को सर्वप्रथम सत्यार्थ प्रकाश पढ़ कर हिन्दू धर्म के सही वैदिक रूप को समझना होगा, तभी वे शिवजी अथवा निराकार ईश्वर से साक्षात्कार कर पायेंगे, उनकी आराधना कर शिवत्व को प्राप्त होंगेI इसके अतिरिक्त संघ को एवं हिन्दू धर्म के उत्थान का कोई दूसरा उपाय मुझे समझ नहीं आ रहा हैI
आज समय विज्ञान, पूंजीवाद एवं वैश्विकरण का है, अतः यदि आज हमें हिन्दू धर्म का प्रचार प्रसार करना है तो
१. इसे एक विश्वस्तरीय उत्पाद बनाना होगा अर्थात इसकी Quality (गुणवत्ता) विश्वस्वीकार्य (Globally acceptable) बनानी होगी हमारे प्रतियोगी धर्म इस्लाम तथा ईसाईयत में जातिवाद, कन्या भ्रूणहत्या, दहेज जैसी बुराइयाँ नहीं हैंI हमें इन बुराइयों को इसलिए भी छोडना होगा क्योंकि ये वेदोक्त नहीं हैI
२. हिन्दू (वैदिक) धर्म की (Marketing) मार्केटिंग करनी होगीI इसकी खूबियों को विश्व के अन्य धर्मावलम्बियों के समक्ष रखना होगाI घर घर जा कर वैदिक हिन्दू धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करना होगाI
मित्रों, आज आवश्यक है कि इस्लाम ईसाईयत के नाम पर जो खून बहाया जा रहा है वो समाप्त होI यदि हम अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका तथा अरब देशों में यदि २०% लोगों को भी हिन्दू धर्ममें ला सके, तो यह अयोध्या में राममंदिर बनने से भी अधिक महत्वपूर्ण होगा साथ ही विश्व का कल्याण भी इसी में हैI ---- डॉ देवराज मिश्र
(Our purpose to write this blog is not to hurt feelings of any individual, but only to spread the truth)




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