जागो हिन्दुऔं, जागो नहीं तो देर हो जायेगी
सन 2100 मेँ होगा...... । एक मुल्ला अपने बच्चे के साथ चिड़िया घर देखने गया. । बच्चे को पता नहीं था किस जानवर का क्या नाम है तो अपने बाप से पूछ लेता था सबसे पहले बच्चे ने हाथी को देखा उसके बाप ने बच्चे को हाथी की जानकारी बता दी उसके बाद बच्चे ने एक भालू देखा तो बाप ने भालू की जानकारी भी बता दी. । उसके बाद बच्चे ने एक पिंजरे मे दो हाथ दो पैर और इन्सानो की तरह दिखने वाला एक जानवर देखा तो बच्चे ने बाप से पूछा अब्बू ये कौन है ? । तो उसके बाप ने कहा बेटा ये हिन्दू है इसे हिन्दू होने का बहुत गर्व था क्यूंकि ये संसार की सबसे समृद्ध संस्कृति का हिस्सा था। पर ये कभी आपस मे मिलकर नहीं रहते थे, । इनके अपने भाई- भाई मे कभी नहीं बनती थी हमेशा एक दूसरे पर कीचड़ उछालते रहते थे । । कोई कहता था मै जाट हुँ तो कोई कहता मै बामन हुँ कोई कहता मै बनिया हुँ तो कोइ कहता मै राजपूत हुँ पर कोई ये नहीं कहता था कि हम सब हिन्दू हैं ये अपने आप को शेर कहते थे पर इनके किसी पड़ोसी को कोई मारने आता था तो अपने घर के दरवाजे पहले बंद कर लेते थे और सोचते थे कि पड़ोस वाले को मार रहे हैं मुझे क्या । । ये हिन्दू यही सोचते थे कि अपने आगे 100 खड़े हे अपने पीछे 100 खड़े हैं तो मुझे कौन मार सकता है और हमने इसी का फायदा उठाया । । ये बेवकूफ ये नहीं सोचते थे कि जब आगे पीछे के 100-100 को हम मार देंगे तो एक दिन उसका भी नंबर आएगा हम हिन्दुओ को मारते रहे सब खत्म हो गए अब कुछ हिन्दू बचे है इनको हमने पिंजरे में कैद कर दिया है ताकि तुम बच्चो को बता सके कि कभी इस धरती पर हिन्दू का राज था और अब हमारा है। ।
1378 मेँ भारत से एक हिस्सा अलग हुआ, इस्लामिक राष्ट्र बना - नाम है इरान.
1761 मेँ भारत से एक हिस्सा अलग हुआ, इस्लामिक राष्ट्र बना - नाम है अफगानिस्तान.
1947 मेँ भारत से एक हिस्सा अलग हुआ, इस्लामिक राष्ट्र बना - नाम है पाकिस्तान.
1971 मेँ भारत से एक हिस्सा अलग हुआ, इस्लामिक राष्ट्र बना - नाम हैँ बांग्लादेश.
1952 से 1990 के बीच भारत का एक राज्य इस्लामिक हो गया - नाम है कशमीर...
और अब उत्तरप्रदेश, आसाम और केरल इस्लामिक राज्य बनने की कगार पर है !
दो दिन पहले वीरवार को एक बहुत ही चिरपरिचित तमाशा देखा, हिन्दुओं की एक बड़ी जमात कब्र में लेटे एक मुर्दे को पूजने में लगी है और एक अरबी टोपी लगाये एक मुसलमान हाथ में मोरपंख की झाड़ू लेकर उसके नाम पर अंदर धन बटोर रहा है जबकि बाहर उसके रिश्तेदार हरी चादर, अगरबत्ती,फूल आदि बेचकर हिन्दुओं को मुर्ख बना रहे है। कुछ पुराने मित्र कहते है यह आस्था और श्रद्धा का प्रश्न है, कुछ मत कहो। कुछ कहते है की यह मूर्ति पूजा है, कुछ मत कहो।कुछ कहते है की अगर आप प्रश्न करेंगे तो हिन्दुओं में एकता नहीं होगी क्यूंकि युद्ध काल में जब गर्दन पर तलवार हो तब प्रश्न करना मूर्खता है और प्रश्न करने वाला मूर्ख है। परन्तु भाई हम क्या करे कोई गड्डे में गिर रहा हो तो उसे गिरने से न रोके क्यूंकि भावनायें आहत होगी। मानव जीवन का उद्देश्य है, "सत्य के ग्रहण एवं असत्य के त्याग में सदा उद्यत रहना चाहिये"। हम किसी भी पूजा पद्धति के विरुद्ध नहीं है अपितु अन्धविश्वास के विरुद्ध है। यह लेख कब्र पूजा से सम्बंधित है जिसकी हिन्दू समाज मूर्ति समझ कर पूजा कर रहा है। आप इसे मुर्खता कहेंगे अथवा इसे अंधविश्वास कहेंगे। यह निश्चय आपनेस्वयं करना है। रोजाना के अखबारों में एक खबर आम हो गयी हैं की अजमेर स्थित ख्वाजा मुईन-उद-दीन चिश्ती अर्थात गरीब नवाज़ की मजार पर बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता अभिनेत्रियो अथवा क्रिकेट के खिलाड़ियो अथवा राज नेताओ का चादर चदाकर अपनी फिल्म को सुपर हिट करने की अथवा आने वाले मैच में जीत की अथवा आने वाले चुनावो में जीत की दुआ मांगना। भारत की नामी गिरामी हस्तियों के दुआ मांगने से साधारण जनमानस में एक भेड़चाल सी आरंभ हो गई है की उनके घर पर दुआ मांगे से बरकत हो जाएगी, किसी की नौकरी लग जाएग, किसी के यहाँ पर लड़का पैदा हो जायेगा, किसी का कारोबार नहीं चल रहा हो तो वह चल जायेगा, किसी का विवाह नहीं हो रहा हो तो वह हो जायेगा। कुछ सवाल हमे अपने दिमाग परजोर डालने को मजबूर कर रहे है जैसे की यह गरीब नवाज़ कौन थे ?कहाँ से आये थे? इन्होने हिंदुस्तान में क्या किया और इनकी कब्र पर चादर चदाने से हमे सफलता कैसे प्राप्त होती है? गरीब नवाज़ भारत में लूटपाट करने वाले , हिन्दू मंदिरों का विध्वंश करने वाले ,भारत के अंतिम हिन्दू राजा पृथ्वी राज चौहान को हराने वाले व जबरदस्ती इस्लामिक मत परिवर्तन करने वाले मुहम्मद गौरी के साथ भारत में शांतिका पैगाम लेकर आये थे। उनकी लोकप्रियता बढ़ाने के लिए उनके द्वारा किये गए विभिन्न चमत्कारों के कई मनगढंत किस्से प्रचारित किये गए । निजामुद्दीन औलिया जिसकी दरगाह दिल्ली में स्थित हैं ने भी ख्वाजा का स्मरण करते हुए कुछ ऐसा ही लिखा है। बुद्धिमान पाठकगण स्वयं अंदाजा लगा सकते है की इस प्रकार के करिश्मो को सुनकर कोई मुर्ख ही इन बातों पर विश्वास कर सकता है। भारत में स्थान - स्थान पर स्थित कब्रे उन मुसलमानों की है जो भारत पर आक्रमण करने आये थे और हमारे वीर हिन्दू पूर्वजो ने उन्हें अपनी तलवारों से परलोक पंहुचा दिया था। ऐसी ही एक कब्र बहरीच गोरखपुर के निकट स्थित है। यहकब्र गाज़ी मियां की है। गाज़ी मियां का असली नाम सालार गाज़ी मियां था एवं उसका जन्म अजमेर में हुआ था। उन्हें गाज़ी की उपाधि काफ़िरयानि गैर मुसलमान को क़त्ल करने पर मिली थी। कालांतर में फ़िरोज़ शाह तुगलक ने अपनी माँ के कहने पर बहरीच स्थित सूर्य कुण्ड नामक तालाब को भरकर उस पर एक दरगाह और कब्र गाज़ी मियां के नाम से बनवा दी जिस पर हर जून के महीने में सालाना उर्स लगने लगा। मेले में एक कुण्ड में कुछ बहरूपिये बैठ जाते है और कुछ समय के बाद लाइलाज बीमारियों को ठीक होने का ढोंग रचते है। पूरे मेले में चारों तरफ गाज़ी मियां के चमत्कारों का शोर मच जाता है और उसकी जय-जयकार होने लग जाती हैं. हजारों की संख्या में मुर्ख हिन्दू औलाद की, दुरुस्तीकी, नौकरी की, व्यापार में लाभ की दुआगाज़ी मियां से मांगते है, शरबत बांटते है , चादर चढ़ाते हैं और गाज़ी मियां की याद में कव्वाली गाते है। कुछ सामान्य से १० प्रश्न हम पाठको से पूछना चाहेंगे। १.क्या एक कब्र जिसमे मुर्दे की लाश मिट्टी में बदलचूँकि है वो किसी की मनोकामना पूरी कर सकती है? २. सभी कब्र उन मुसलमानों की है जो हमारे पूर्वजो से लड़ते हुए मारे गए थे, उनकी कब्रों पर जाकर मन्नत मांगना क्या उन वीर पूर्वजो का अपमान नहीं है जिन्होंने अपने प्राण धर्म रक्षा करते की बलि वेदी पर समर्पित कर दिये थे? ३. क्या हिन्दुओ के राम, कृष्ण अथवा 33 करोड़ देवी देवता शक्तिहीन हो चुके है जो मुसलमानों की कब्रों पर सर पटकने के लिए जाना आवश्यक है? ४. जब गीता में भगवान श्री कृष्ण ने कहाँ है की कर्म करने से ही सफलता प्राप्त होती है तो मजारों में दुआ मांगने से क्या हासिल होगा? ५. भला किसी मुस्लिम देशमें वीर शिवाजी, महाराणा प्रताप, हरी सिंह नलवा आदि वीरो की स्मृति में कोई स्मारक आदि बनाकर उन्हें पूजा जाता है तो भला हमारे ही देश पर आक्रमण करने वालो की कब्र पर हम क्यों शीश झुकाते है? ६. क्या संसार में इससे बड़ी मुर्खता का प्रमाण आपको मिल सकता है? ७. हिन्दू जाति कौन सी ऐसी अध्यात्मिक प्रगति मुसलमानों की कब्रों की पूजाकर प्राप्त कर रहीं है जो वेदों- उपनिषदों में कहीं नहीं गयीं है? ८. कब्र पूजा को हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल और सेकुलरता की निशानी बताना हिन्दुओ को अँधेरे में रखना नहीं तो क्या है ? ९. इतिहास की पुस्तकों कें गौरी – गजनी का नाम तो आता है जिन्होंने हिन्दुओ को हरा दिया था पर मुसलमानों को हराने वालेराजा सोहेल देव पासी का नाम तक न मिलना क्या हिन्दुओं की सदा पराजय हुई थी ऐसी मानसिकता को बनाना नहीं है? १०. क्या हिन्दू फिर एक बार 24 हिन्दू राजाओ ( मानिकपुर, बहरैच आदि के 24 हिन्दू राजाओ औऱ राजा सोहेल देव पासी ) की भांति मिल कर संगठित होकर देश पर आये संकट जैसे की आंतकवाद, जबरन धर्म परिवर्तन,नक्सलवाद,बंगलादेशी मुसलमानों की घुसपेठ आदि का मुंहतोड़ जवाब नहीं दे सकते? आशा हैं इस लेख को पढ़ कर आपकी बुद्धि में कुछ प्रकाश हुआ होगा।अगर आप राजा राम औरकृष्ण जी महाराज की संतान हैं तो तत्काल इस मुर्खता पूर्ण अंधविश्वास को छोड़ दे और अन्य हिन्दुओ को भी इस बारे में प्रकाशित करे।
दो महत्वपूर्ण घटनाओ को देश ने जरूर देखा होगा --
( 1 ) उपराष्ट्रपति हमीद अंसारी ने अपने धर्म के महत्व को समझते हुए दशहरा उत्सव के दौरान आरती उतारने से मना कर दिया क्योकि इस्लाम मे ये करना "मना" है ।
( 2 ) टी॰वी॰ सीरियल बिग बॉस की एक प्रतियोगी गौहर खान ने दुर्गा पुजा करने से मना कर दिया और वो दूर खड़ी रहकर देखती रही, जबकि ये एक कार्य था जिसे करना सभी प्रतियोगी के लिए जरूरी था लेकिन गौहर खान ने इस कार्य को करने से साफ मना कर दिया क्योकि इस्लाम मे ये करना "मना" है ।
मित्रो, इन दोनों ( हमीद अंसारी व गौहर खान ) को मेरा साधुवाद क्योकि दोनों ने किसी कीमत पर भी अपने धर्म से समझौता नहीं किया, चाहे इसके लिए कितनी बड़ी कीमत भी क्यो न चुकनी पड़े ।
ये घटना उन तथाकथित "सेकुलर" हिन्दुओ के मुह पर जोरदार तमाचा है जो कहते फिरते है की कभी "टोपी" भी पहननी पड़ती है तो कभी "तिलक" भी लगाना पड़ता है...
इस घटना मे मीडिया का मौन रहना सबसे ज्यादा अचरज का विषय है क्योकि सबसे ज्यादा हाय तौबा यही मीडिया वाले मचाते रहे है जब नरेंद्र मोदी जी ने मुल्ला टोपी पहनने से इनकार कर दिया था ।
उदाहरण लेना है तो मुस्लिम समुदाय के लोगो से सीखो जो अपने धर्म के लिए बड़ी से बड़ी कीमत चुकाने को तैयार रहते है, पर अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं कर सकते ।
वही हमारे हिन्दू लोग "कायरता" का दूसरा रूप "सेकुलर" होने का झूठा दिखावा करने से बाज नहीं आते । इस को गौर से एक बार पढ़ लो...
अमल करो मत करो आप लोगो की मर्जी...
मैंने 10 लोगो को जो की हिन्दू है उनसे पुछा... किस जाती के हो...?
सभी ने अलग अलग जवाब दिया...
किसी ने कहा राजपूत
किसी ने कहा बामण
किसी ने कहा जाट
किसी ने जैन
तो किसी ने अग्रवाल...
सब अलग अलग ।
लेकिन मुसलमानों को पूछो, कि कौन सी जाति के हो ? सभी का एक जवाब आया, "मुसलमान"। मुझे अजीब लगा, मैने फिर से पूछा फिर वही जवाब आया, "मुसलमान" ।
कुछ समझ में आया हो तो आगे से कोई पूछे तो एक ही जवाब आना चाहिये
॥ हिन्दू ॥
पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट में एक मुस्लिम भाई ने जनहित याचिका डाली थी कि पडोसी मुल्क में हज करने के लिए सब्सिडी मिलती है तो हमें भी मिलनी चाहिए. पाकिस्तान कोर्ट ने जनहित याचिका रिजेक्ट करते हुये कहा कि कुरान और हदीस के हिसाब से हज पसीने की कमाई से करना पड़ता है ! दूसरों की कमाई से नहीं ! सब्सिडी इस्लाम के खिलाफ है !
पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के हिसाब से भारतीय मुसलमानों को मिल रही सब्सिडी हराम है क्या नेता इस पर कुछ टिप्पणी देंगे ?
प्रतिदिन कम से कम 10 हिन्दुओं को ये बात समझाएंगे और 100 हिन्दुओं तक ये बात पहुचाएंगे।
बिना भूले इन नियमो को पालेंगे और इनका प्रचार प्रसार करेंगे।
1 फल ख़रीदेंगे हिन्दू से।
2 सब्जी लेंगे हिन्दू से।
3 कपडे खरीदें गे हिन्दू से।
4 हमारा डॉक्टर हिन्दू ही होगा।
5 कपडे सिल्वाएंगे हिन्दू से।
6 होटल में जायेंगे हिन्दू की।
7 रिक्शा टैक्सी हिन्दू की।
8 मोबाइल रिचार्ज कर्वाएंगे हिन्दू से।
9 घर बनवाएगे हिन्दू से।
10 रेडी मेड वस्तुएं खरीदेंगे हिन्दू से॥
अजीब कानून है भैया, जो गाय को खा रहा है उसको हज के लिए भेजते हो...
ये जो नीचे लिखा है वो कोई मज़ाक नहीं है...कल ये आपके शहर में भी हो सकता है...
अगर ये अमेरिका, जापान या फिर चाइना में हुआ होता, तो इन शांति प्रिय मजहब वालों को काट कर गटर में फेंक देते...
कुछ दिन पहले NDTV के रवीश कुमार ने...
RSS के सिन्हा सर से तल्ख़ मुद्रा में पूछा था कि अगर देश में मुस्लिम ज्यादा हो जायेंगें, तो कौन सा पहाड़ टूट पड़ेगा ???
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इसका एक प्रायोगिक उत्तर कल के एक वाकये ने दिया मुस्लिम बाहुल्य "काश्मीर विश्वविद्यालय" में एक फिल्म "हैदर" की शूटिंग चल रही थी उसके एक दृश्य के फिल्मांकन के लिए तिरंगा झंडा लगाया गया और कलाकारों को जय हिंद बोलना पड़ा |
इतना होना था कि विश्वविद्यालय के छात्र उस यूनिट पर टूट पड़े फिल्म का सेट तोड़ दिया गया | काफी जद्दोजहद के बाद फिल्म के कलाकारों को बाहर निकाला जा सका |
तिरंगे से उनकी नफरत और जय हिंद पर आपत्ति इस सबका कारण थी |
पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार किया लेकिन कालेज प्रशासन के कहने पर छोड़ दिया गया |
ध्यान रहे वो अनपढ़ लोग नहीं विश्वविद्यालय के छात्र थे !
हाथ जोड़ के विनंती है इसे शेयर करें ये कोई छोटी खबर नहीं है ये हमारे देश की सम्मान की बात है...
एक सुन्दर संवाद : एक बार ज़रूर पढ़ेँ बी एस सी का छात्र...
कॉलेज का पहला दिन... (गले में बड़े बड़े रुद्राक्ष की माला)
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प्रोफेसर : बड़े पंडित दिखाई देते हो लेकिन कॉलेज में पढाई लिखाई पर ध्यान दो पूजा पाठ घर में ही ठीक है !! (क्लास के सभी बच्चे ठहाका लगाते है )
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छात्र (विनम्रता से) : सर आप मेरे गुरु है और सम्माननीय भी इसलिए आपकी आज्ञा से ही कुछ कहना चाहूँगा |
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शिक्षक कहते है : बोलो...
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छात्र : सर ऐसे छोटे कॉलेज छोडिये, जब आई आई टी और मेडिकल कॉलेज तक में एक मुस्लिम छात्र दाढ़िया बढाकर या टोपी चढाकर जाते है और कितनी भी बड़ी लेक्चर हो क्लास छोड़कर namaz के लिए बाहर निकल जाते है तो शिक्षक को वो धर्मनिष्ठता लगता है जब क्रिस्चन छात्र गले में बड़े क्रौस लटकाकर घूमते है तो वो धर्मनिष्ठता है और ये उनके मजहब की बात हुई और आज आपके सामने इसी क्लास में कितने ही लड़कियों ने बुर्खा पहना है और कितने ही बच्चो ने जालि-टोपी चढा रखा है तो आपने उन्हें कुछ नहीं कहा तो आखिर मेरी गलती क्या है ???
क्या बस इतना की मै एक हिंदू हूँ ???
शिक्षक क्लास छोड़कर बाहर चला गया...आँखो से पर्दा हटाओ दोस्तो और मशाल जलाओ | भारत में मुसलमान कौन है धर्म के नाम पर भारत के टुकड़े किये जिसने -वों जिन्नाह मुसलमान था |
करोडो हिंदुओ का खून बहाया जिसने -वों हर सुल्तान मुसलमान था ||
हिंदुओ से जबरन इस्लाम कबुल करवाया जिसने -वों अरब मुसलमान था |
राम मंदिर तोड़कर मस्जिद बनायीं जिसने -
वों बाबर मुसलमान था ||
गुरु तेग बहादुर का सर कलम किया जिसने-
वों औरंगजेब मुसलमान था |
कश्मीर में पंडितो का नरसंहार किया जिसने -
वों हर आतंकी मुसलमान था ||
मुंबई में बम धमाके करवाए जिसने -
वों दाउद मुसलमान था |
भारत में घुसे 5 करोड जाहिलो में -
हर बांग्लादेशी मुसलमान था ||
बुद्ध महावीर कि मुर्तिया तोड़ी जिसने -
वों हर दंगाई मुसलमान था |
भारत के संसद पर हमला किया जिसने-
वों अफजल मुसलमान था ||
गोधरा में कारसेवको कों जिन्दा जलाया जिसने -
वों हर जेहादी मुसलमान था |
पाकिस्तान, असम से हिंदुओ को खदेड़ा जिसने -
वों हर शख्स मुसलमान था ||
26/11 कों हिंदुओ कों गोलियों से भुना जिसने -
वों कसाब मुसलमान था |
अमरनाथ यात्रा पर पाबंदी कि मांग कि है जिसने वों गिलानी मुसलमान था ||
अमरनाथ यात्रियों पे जजिया लगाया है जिसने -
वों मंत्री मुसलमान था |
100 करोड हिंदुओ कों काटने कि कसम खायी है जिसने
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वों ओवैसी भी मुसलमान हे ||
जो गाय काट के खाता हैं -
वो हर शख्स मुस्लमान हैं |
वो वन्देमातरम नहीं गाता -
वो हर शक्श मुस्लमान हैं ||
कश्मीर में भारत मुर्दाबाद बोलता हैं -
वो शक्श मुस्लमान हैं |
हैदराबाद में तिरंगा जलाने वाला -
हर शक्श मुस्लमान हैं ||
जो लव जिहाद करता हैं -
वो हर शक्श मुस्लमान हैं |
जो देश बर्बाद करने की सोचने वाली -
कांग्रेस सरकार का हर हाथ मुसलमान है!!!!
मु - मुलायम
स - सोनिया
ल - लालू
मा - ममता
न - नीतिश
जागो...हिन्दु.....जागो.....
हल्दीघाटी में राणा के भाले डोले हैं,
यूँ लगता है चीख चीख कर वीर शिवाजी बोले हैं,
पुरखों का बलिदान,घास की रोटी भी शर्मिंदा है,
कटी जंग में सांगा की बोटी बोटी शर्मिंदा है,
खुद अपनी पहचान मिटा दी,कायर भूखे पेटों ने,
टोपी जालीदार पहन ली हिंदुओं के बेटों ने,
सिर पर लानत वाली छत से,खुला ठिकाना अच्छा था,
टोपी गोल पहनने से तो फिर मर जाना अच्छा था,
मथुरा अवधपुरी घायल है,काशी घिरी कराहों से,
यदुकुल गठबंधन कर बैठा,कातिल नादिरशाहों से,
कुछ वोटों की खातिर,लज्जा आई नही निठल्लों को,
कड़ा-कलावा और जनेऊ, बेंच दिया कठमुल्लों को,
मुख से आह तलक न निकली,धर्म ध्वजा के फटने पर,
कब तुमने आंसू छलकाए गौ माता के कटने पर,
लगता है पूरी आज़म की मन्नत होने वाली है,
हर हिन्दू की इस यू प़ी में सुन्नत होने वाली है,
जागे नही अगर हम तो ये प्रश्न पीढियां पूछेंगी,
गन पकडे बेटे,बुर्के से लदी बेटियाँ पूछेंगी,
बोलेंगी हे आर्यपुत्र,अंतिम उद्धार किया होता,
खतना करवाने से पहले हमको मार दिया होता
सोते रहो सनातन वालों,तुम सत्ता की गोदी में,
शायद बची नही है ताकत,सिंघल,मोहन ,मोदी में,
पर साँस आखिरी तक भगवा की रक्षा हेतु लडूंगा मैं,
शीश कलम करावा लूँगा पर कलमा नही पढूंगा मैं,
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